Saturday, May 10, 2008

अन्मोल दोस्ती

दोस्ती के रिश्ते को कभी कमजोर न समजना मेरे यारू...
झुक जाते हैं प्यार करने वाले भी घुटनों के बाल यारू...

मोहब्बत का हसीं सफर सुरु होता हैं इसी दोस्ती के रिश्ते सें....
वादों में टिका हैं यह ज़माना पर दोस्ती बस्ती हैं खून के रिश्तो सें..

सलाम करता ह में इस रिश्ते को अपने दिल के हर दरकन के साथ...
निभाऊंगा आप सब सें अपनी दोस्ती का रिश्ता चाहे छुट जाए इस ज़िंदगी से मेरा साथ...

दोस्तो सें बसी हैं हम सब के ज़िंदगी जिसका हैं न कोई मोल इस दुनिया में...
लुटा दो अपनी हर हस्ती पर साथ न चोरना अपने दोस्ती का वरना बिक जायेगे दोस्ती भरी महफिल में..

रुक जाते हैं कदम हम सबके अय्सा भी हमने देखा हैं...
पर खो जाने के बाद वह दोस्ती नही मिलती चाहे जितना भी रू लो अय्सा भी हमने देखा हैं...

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